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पुरानी डायरी

22 Jul

एक पुरानी डायरी मे,

मुझको तेरा पता मिला..,

कुछ पुरानी यादे मिली,

कुछ पुराना वफ़ा मिला..,

सब लिखा था डायरी मे,

ज़ुल्फ़ से लेकर पाँव तक..,

तेरी-मेरी दिल लगी से,

दिलपर लगे घाव् तक..,

तेरा मिलना लिखा-

पास आना लिखा,

सब लिखा निखारकर..,

बड़ी नज़ाकत से डायरी लिखा,

तुमको ग़ज़लो मे उतारकर..,

न कोई शिकवा मिला,

न कोई गीला मिला…,

फिर भी एक पन्ने पर,

तेरा छोड़ जाना मिला..,

जिस पुरानी डायरी मे,

मैं खुद को लापता मिला..,

उसी पुरानी डायरी मे,

मुझको तेरा पता मिला..

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2 Comments

Posted by on July 22, 2017 in poetry

 

2 responses to “पुरानी डायरी

  1. Madhusudan

    July 22, 2017 at 9:22 PM

    जिस पुरानी डायरी मे,

    मैं खुद को लापता मिला..,

    उसी पुरानी डायरी मे,

    मुझको तेरा पता मिला..
    क्या खूब लिखा—-जबर्दस्त।

    Liked by 1 person

     

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