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Category Archives: poetry

Story of Pen

My pen has much to do
write a novel and write a thank you
This pen it is not done it has a love letter to send to someone
I put this pen in my hand let it create a sketch of a plan
My pen it is my extension to me it is very pleasing this thing is special to me
When angered I write a hateful note I hold my pen hard so as not to choke
Only my pen knows what I say I crumbled the letter and threw it away
My pen it is sometimes dull I need to refill it so that it will do it all
My pen is the best of all cause it helps me show you what was inside of my mind and all
My pen creates a masterpiece

Here it lays ready for the next project in the coming days.

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Posted by on April 20, 2018 in poetry

 

ऐ मेरे हमसफ़र

ऐ मेरे हमसफ़र, मेरे नाजनीन मेरे रहनुमा !! तेरी ख़ूबसूरती को बयां करने के लिए मुझे किसी के इजाजत की जरूरत नहीं

ये कुदरत भी तेरे ख़ूबसूरती के कहर से वाकिफ है जो तेरे हुस्न के जलजले से दहल जाया करती है

अब ये मत कहना कि हम तेरी तारीफों के पुल यूँ ही बाँध रहें, वो तो तेरी ख़ूबसूरती का कायल ये दिल है जो बरबस लिखने पर मजबूर कर देता है, और जब लिखने बैठते हैं तो तेरी तुझसे ज्यादा कुछ लिख नहीं पाते

कहाँ से लिखना शुरू करूँ??

मालूम नहीं इस सवाल का जवाब, लेकिन फिर भी लिखते हैं, उस हसीं चेहरों को जिसकी चमक से आसमान के सितारे धूमिल नज़र आते हैं

इक जंग सी छिड़ी हुयी है खुद में कि क्या लिखूं जो तेरे जैसा हो

कभी दिल कहता है कि तुम्हारी खूबसूरत आँखों में डूब जाएँ, तो कभी कहता है कि इन लरजते होठों कि ख़ूबसूरती देखते रहें

कुदरत भी तेरे रहमो-करम से अनजान नहीं

वो हवाएं भी कितनी खुशनसीब होंगी जो तेरे जुल्फों को छू कर गुजरती होंगी, और उन हवाओं को मेरा शुक्रिया पहुँचता रहे जो तेरी ख़ुशबू को मुझ जैसे ना-चीज़ तक लाती हैं

और सुनो!

कभी अपनी आँखों और भौहों को देखा है गौर से? नहीं ना? मुझे मालूम था तुम कहाँ गौर करती होगी खुद पर? ये तो हम हैं जो तेरी ख़ूबसूरती के कायल हैं जो तुम्हें कतरा-कतरा तराशते हैं.

तुम्हारी भौहें दूर से दिखती, पहले चढ़ती फिर गिरती किसी पर्वत श्रृंखला सी खूबसूरत हैं, और आँखें उन पर्वतों के आँचल में किसी झील सी, मोहब्बत के रंगों से भरी हैं

कहाँ चल दी तुम? ख़त अभी बाकी है- कुछ बाकी रह गया है तारीफ़ में तुम्हारे

वो तेरा पलकें झपकाना भी क्या गजब ढाता है, मानो तितलियाँ उड़ते-उड़ते अपने रंग-बिरंगे फड़फड़ा रहीं हैं

और तेरी मुस्कराहट सितारों कि चमक को फ़ीका करने वाले आधे चाँद की ख़ूबसूरती को फ़ीका कर रही है

और तेरे सुर्ख लाल होठों से समंदर के मूंगे कि चट्टान का लाल रंग ढलता जा रहा है

गालों के गुलाबीपन से गुलाब मुरझा रहे हैं

ये तो कहर है कुदरत पर जो तेरे हुस्न से बरपाया जा रहा है

मेरी कलम यहाँ तेरी तारीफें बुन रही है, और मैं तुम में कहीं दूर खोता जा रहा हूँ जहाँ मैं तुम्हारा हाथ अपने हाथ में लिए चल रहा हूँ

मैं महसूस कर रहा हूँ तेरे चेहरे पर मेरी तारीफों का गुलाबी रंग और तेरी पहले से भी ज्यादा खूबसूरत आँखें जो मुझे ता-उम्र देखते और चाहते रहने का वादा करती हैं, वो मुझसे कह रही हैं कि अब बस भी करो ना?

पर मेरी कलम कभी थकती नहीं तेरी तारीफें करते-करते

वो रुकने का नाम नहीं लेगी, वो तो हर पल इक नया शब्द तेरी तारीफों की किताब में जोड़ती रहेगी

Picture source -google-Megan Fox Portrait

 
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Posted by on February 25, 2018 in poetry, random thoughts

 

Wish

All my desires have combined
and have merged into one wish
to hold you close to me.
All my tears have gathered
and turned into a stream
to wash your feet, my beloved.
I am in total silence
as my tongue will sing
only your songs, my love.
I am awake whole night,
not blinking
fearing I might doze of.
You may come
at dawn or midnight.
I am all attention for
your light steps
which might get lost
in the sound of the breeze.
Ticking of the clock
tells me, time is passing.
Chirping of birds
gives the signal of dawn.
I am not disappointed,
I know you will come
one day.
If you so wish,
I will wait for you
till  eternity.

 
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Posted by on February 1, 2018 in poetry

 

 I might be falling

I’m think I might be falling,

Falling hard for you after all.

This feeling is so uncertain,

And it fills me with so much fear.
I tried to keep my distance, 

But it seems that I’ve failed.

Now that I have fallen,

I’m not sure what to do.
I miss you so much at times,

And wish so much that you were there.

But you don’t know just how I feel,

And I don’t think you’ll ever do as well.
My old scars are still lingering,

And I’m afraid of rejection.

I’m scared of telling you my feelings,

And getting hurt all over again.
How do I tell you my feelings,

How do I let you know?

You’re the first to ever make me feel like this,

And I’m scared of losing you.

 
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Posted by on August 10, 2017 in poetry

 

पुरानी डायरी

एक पुरानी डायरी मे,

मुझको तेरा पता मिला..,

कुछ पुरानी यादे मिली,

कुछ पुराना वफ़ा मिला..,

सब लिखा था डायरी मे,

ज़ुल्फ़ से लेकर पाँव तक..,

तेरी-मेरी दिल लगी से,

दिलपर लगे घाव् तक..,

तेरा मिलना लिखा-

पास आना लिखा,

सब लिखा निखारकर..,

बड़ी नज़ाकत से डायरी लिखा,

तुमको ग़ज़लो मे उतारकर..,

न कोई शिकवा मिला,

न कोई गीला मिला…,

फिर भी एक पन्ने पर,

तेरा छोड़ जाना मिला..,

जिस पुरानी डायरी मे,

मैं खुद को लापता मिला..,

उसी पुरानी डायरी मे,

मुझको तेरा पता मिला..

 
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Posted by on July 22, 2017 in poetry

 

Lust 

 
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Posted by on July 4, 2017 in poetry

 

तस्वीर


आँखों में आंसुओं की लकीर बन गई

जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई

हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी

गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गई

 
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Posted by on July 4, 2017 in poetry

 
 
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